ये और बात कि तुझ से गिला नहीं करते वगरना अपनी नज़र से छिपा तो कुछ भी नहीं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हमारे आबा-ओ-अज्दाद से विरासत में ज़मीं नहीं न सही पर हमें किताब मिले
Haider Khan
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उस के हाथों में कुद्रत ने ऐसी दी है मसीहाई सीने पर वो हाथ रखे तो ज़ख्म-ए-दिल भर जाता है
Haider Khan
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इस क़दर ख़ुद से बना रक्खी है दूरी मैं ने ख़ुद पहुँचती नहीं मुझ तक ही सदाएँ मेरी
Haider Khan
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मुझ से मिलना हो जिसे दिन के उजालों में मिले ख़ुद से रहती है मुलाक़ात मिरी शाम के बा'द
Haider Khan
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गर कह न सको लब से निगाहों से जता दो या यूँँ करो कुछ फूल किताबों में दबा दो
Haider Khan
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