गर कह न सको लब से निगाहों से जता दो या यूँँ करो कुछ फूल किताबों में दबा दो
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
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न करो बहस हार जाओगी हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं
Jaun Elia
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ये और बात कि तुझ से गिला नहीं करते वगरना अपनी नज़र से छिपा तो कुछ भी नहीं
Haider Khan
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तुम अपनी बात पे क़ाएम हो आख़िरी दम तक हटाओ छोड़ो ये ख़्वाब-ओ-ख़याल की बातें
Haider Khan
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हमारे आबा-ओ-अज्दाद से विरासत में ज़मीं नहीं न सही पर हमें किताब मिले
Haider Khan
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उस ने पूछा कैसे मुमकिन है मेरे दिल तक जाना मैं ने कहा तुम उर्दू सीखो रस्ता बनते जाना है
Haider Khan
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अभी भी अपनी किताबों के पिछले पन्ने पर तुम्हारे नाम को लिखते हैं फिर मिटाते हैं
Haider Khan
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