मुझ से मिलना हो जिसे दिन के उजालों में मिले ख़ुद से रहती है मुलाक़ात मिरी शाम के बा'द
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये और बात कि तुझ से गिला नहीं करते वगरना अपनी नज़र से छिपा तो कुछ भी नहीं
Haider Khan
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उस के हाथों में कुद्रत ने ऐसी दी है मसीहाई सीने पर वो हाथ रखे तो ज़ख्म-ए-दिल भर जाता है
Haider Khan
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इस क़दर ख़ुद से बना रक्खी है दूरी मैं ने ख़ुद पहुँचती नहीं मुझ तक ही सदाएँ मेरी
Haider Khan
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उस ने पूछा कैसे मुमकिन है मेरे दिल तक जाना मैं ने कहा तुम उर्दू सीखो रस्ता बनते जाना है
Haider Khan
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तुम अपनी बात पे क़ाएम हो आख़िरी दम तक हटाओ छोड़ो ये ख़्वाब-ओ-ख़याल की बातें
Haider Khan
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