ऐ ज़ब्त देख इश्क़ की उन को ख़बर न हो दिल में हज़ार दर्द उठे आँख तर न हो
Related Sher
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
224 likes
More from Ameer Minai
कौन सी जा है जहाँ जल्वा-ए-माशूक़ नहीं शौक़-ए-दीदार अगर है तो नज़र पैदा कर
Ameer Minai
20 likes
वस्ल हो जाए यहीं हश्र में क्या रक्खा है आज की बात को क्यूँँ कल पे उठा रक्खा है
Ameer Minai
25 likes
कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं नाख़ुदा जिन का नहीं उन का ख़ुदा होता है
Ameer Minai
30 likes
बोसा लिया जो उस लब-ए-शीरीं का मर गए दी जान हम ने चश्मा-ए-आब-ए-हयात पर
Ameer Minai
27 likes
मानी हैं मैं ने सैकड़ों बातें तमाम उम्र आज आप एक बात मेरी मान जाइए
Ameer Minai
31 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ameer Minai.
Similar Moods
More moods that pair well with Ameer Minai's sher.







