अल्लाह बना दे मिरे अश्कों को कबूतर सब पूछ रहे हैं तिरे रूमाल में क्या है
Related Sher
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
208 likes
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
180 likes
न पूछो हुस्न की ता'रीफ़ हम से मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है
Adil Farooqui
80 likes
मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत है तमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत है बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम मुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है
Bashir Badr
80 likes
More from Khan Janbaz
उस से कहना था के वो कितना ज़रूरी है मुझे आ रहा हूँ अभी जिस शख़्स से झगड़ा कर के
Khan Janbaz
32 likes
बच गया है जो तेरा थोड़ा सा हिस्सा मुझ में अब तलक मुझ को किसी का नहीं होने देता
Khan Janbaz
35 likes
मिन्नतें करता था रुक जाओ मेरा कोई नहीं मेरे रोके से मगर कौन रुका कोई नहीं बेवफ़ाई को बड़ा जुर्म बताने वाले याद है तू ने भी चल छोड़ हटा कोई नहीं
Khan Janbaz
45 likes
इक ज़रा बात पर अपने से पराए हुए लोग हाए वो ख़ून पसीने से कमाए हुए लोग
Khan Janbaz
54 likes
इश्क़ भी अपनी ही शर्तों पे किया है मैं ने ख़ुद को बेचा नहीं बाज़ार में सस्ता कर के उस से कहना था के वो कितना ज़रूरी है मुझे आ रहा हूँ अभी जिस शख़्स से झगड़ा कर के
Khan Janbaz
44 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Khan Janbaz.
Similar Moods
More moods that pair well with Khan Janbaz's sher.







