इश्क़ भी अपनी ही शर्तों पे किया है मैं ने ख़ुद को बेचा नहीं बाज़ार में सस्ता कर के उस से कहना था के वो कितना ज़रूरी है मुझे आ रहा हूँ अभी जिस शख़्स से झगड़ा कर के
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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उस से कहना था के वो कितना ज़रूरी है मुझे आ रहा हूँ अभी जिस शख़्स से झगड़ा कर के
Khan Janbaz
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अल्लाह बना दे मिरे अश्कों को कबूतर सब पूछ रहे हैं तिरे रूमाल में क्या है
Khan Janbaz
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बच गया है जो तेरा थोड़ा सा हिस्सा मुझ में अब तलक मुझ को किसी का नहीं होने देता
Khan Janbaz
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मिन्नतें करता था रुक जाओ मेरा कोई नहीं मेरे रोके से मगर कौन रुका कोई नहीं बेवफ़ाई को बड़ा जुर्म बताने वाले याद है तू ने भी चल छोड़ हटा कोई नहीं
Khan Janbaz
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इक ज़रा बात पर अपने से पराए हुए लोग हाए वो ख़ून पसीने से कमाए हुए लोग
Khan Janbaz
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