आँखों को नया धाम मिला तुम सेे बिछड़ के होंठों को भी इक नाम मिला तुम सेे बिछड़ के सोचा था कि मर जाऊँगा मैं दूर हुआ तो दिल को मगर आराम मिला तुम सेे बिछड़ के
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
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उस को दिल में बिठा कर इल्म हुआ है यारों नूर आँखों का नहीं बढ़ता फ़क़त काजल से
Dhirendra Pratap Singh
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रौशनी को छोड़ कर आना पड़ा वनवास अपना सब दिए थे ताक में दीपावली हो साथ मिल कर
Dhirendra Pratap Singh
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उस ने भी रक्खा ऑप्शन की तरह जिस की प्रायोरिटी था बनना हमें
Dhirendra Pratap Singh
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प्यार के रस्ते पे मुमकिन नहीं बस प्यार मिले दूर तक कोई सड़क सीधी नहीं जाती दोस्त
Dhirendra Pratap Singh
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फोन में हम को सँजो कर रखने वाली दिल में भी रखती तो कितना अच्छा होता
Dhirendra Pratap Singh
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