अज़ कबीर-ओ-रंग-ए-केसर और गुलाल अब्र छाया है सफ़ेद-ओ-ज़र्द-ओ-लाल
sherKuch Alfaaz
Faez Dehlvi24 Likes
Related Sher
हम ने अब तक गाल बचा के रक्खे हैं क्या तुम ने भी गुलाल बचा के रक्खे हैं
Anand Raj Singh
107 likes
चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
Munawwar Rana
88 likes
जो दिल दुखा है तो ये अज़्म भी मिला है हमें तमाम उम्र किसी का न दिल दुखाएँगे हम
Ahmad Nadeem Qasmi
8 likes
मुँह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल होली की शाम ही तो सहर है बसंत की
Lala Madhav Ram Jauhar
23 likes
बहुत क़रीब रही है ये ज़िन्दगी हम से बहुत अज़ीज़ सही ए'तिबार कुछ भी नहीं
Akhtar Saeed Khan
32 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Faez Dehlvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Faez Dehlvi's sher.







