वो तमाशा ओ खेल होली का सब के तन रख़्त-ए-केसरी है याद
sherKuch Alfaaz
Faez Dehlvi22 Likes
Related Sher
इक रोज़ खेल खेल में हम उस के हो गए और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए
Vipul Kumar
87 likes
इस तरह रोते हैं हम याद तुझे करते हुए जैसे तू होता तो सीने से लगा लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
84 likes
किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है
Bhaskar Shukla
85 likes
सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर अब किसे रात भर जगाती है
Jaun Elia
86 likes
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
111 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Faez Dehlvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Faez Dehlvi's sher.







