बात तो जब है कि अंगारों पे चल कर देखे आरज़ू फूलों पे चलती है तो क्या चलती है
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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चाँद चेहरा ज़ुल्फ़ दरिया बात ख़ुशबू दिल चमन इक तुम्हें दे कर ख़ुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे
Bashir Badr
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तेरी ख़ुशबू को क़ैद में रखना इत्रदानों के बस की बात नहीं
Fahmi Badayuni
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दर्द-ए-मुहब्बत दर्द-ए-जुदाई दोनों को इक साथ मिला तू भी तन्हा मैं भी तन्हा आ इस बात पे हाथ मिला
Abrar Kashif
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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क्या हुईं वो क़ुर्बतें अहबाब को क्या हो गया आते-जाते मिल गईं आँखें तो मिलना हो गया
Dharmesh bashar
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अब भी कुछ ऐसे हैं गुलज़ार पुराने बाक़ी सामने जिन के है कम ताज़ा गुलाबों की महक सुन लिए कुहना तराने जो किसी बुलबुल के शोर से कम न लगेगी ये परिंदों की चहक
Dharmesh bashar
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ये ज़िन्दगी तो हम को कभी की भुला चुकी अब क्या करें कि मौत भी आँखें चुराए है
Dharmesh bashar
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वुफ़ूर-ए-ग़म में भी कैफ़-ओ-नशात का आलम निज़ाम-ए-दहर में वजह-ए-सुरूर है कोई
Dharmesh bashar
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यादें भी इंतिज़ार भी आहें भी दर्द भी फ़ैयाज़ है वो देखिए क्या क्या नहीं दिया
Dharmesh bashar
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