यादें भी इंतिज़ार भी आहें भी दर्द भी फ़ैयाज़ है वो देखिए क्या क्या नहीं दिया
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दर्द-ए-मुहब्बत दर्द-ए-जुदाई दोनों को इक साथ मिला तू भी तन्हा मैं भी तन्हा आ इस बात पे हाथ मिला
Abrar Kashif
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तेरे जाने के बा'द बस यादें हर तरफ़ याद-याद बस यादें सोना, चाँदी, जमीन, घर सब कुछ हैं मेरी जायदाद बस यादें
Sandeep Thakur
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ज़्यादती हर बात की हर चीज़ की अच्छी नहीं डूबते शहरों में कुछ बरसात रख कर देखिए
nakul kumar
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रौशनी बढ़ने लगी है शहर की चाँद छत पर आ गया है देखिए
Divy Kamaldhwaj
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हम हैं रहे-उम्मीद से बिल्कुल परे परे अब इंतिज़ार आप का कोई करे! करे! मैं ने तो यूँँ ही अपनी तबीयत सुनाई थी तुम तो लगीं सफाइयाँ देने, अरे! अरे!
Balmohan Pandey
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कितने सैयारे ख़ला में घूमते इन पतंगों को उड़ाता कौन है
Dharmesh bashar
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न वो क़हक़हे न वो महफ़िलें न वो मय-कदे की है रौनक़ें हुआ क्या कि देखते-देखते ये निज़ाम सारा बदल गया
Dharmesh bashar
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सुर्ख़ी की तलब ज़ेहन पे हो जाती है हावी किरदार बदल देता है अख़बार का साया
Dharmesh bashar
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मिरा कलाम बराए-फ़रोख़्त है यारो सही से दाम लगाने बशर कोई तो आए
Dharmesh bashar
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मौत आई है नजात-ए-ग़म-ए-हस्ती देने जान दे दूँ तो मिरा हक़ भी अदा हो जाए
Dharmesh bashar
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