मौत आई है नजात-ए-ग़म-ए-हस्ती देने जान दे दूँ तो मिरा हक़ भी अदा हो जाए
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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मेरी क़िस्मत का सितारा है तो पेशानी पे आ कुछ न देंगी ये लकीरें हाथ से बाहर निकल
Dharmesh bashar
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कितने सैयारे ख़ला में घूमते इन पतंगों को उड़ाता कौन है
Dharmesh bashar
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तिश्नगी अफ़सुर्दगी गुम-गश्तगी बेचारगी हासिल-ए-सहरा-नवर्दी हम ने पाया भी तो क्या
Dharmesh bashar
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ये ज़िन्दगी तो हम को कभी की भुला चुकी अब क्या करें कि मौत भी आँखें चुराए है
Dharmesh bashar
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सुनाएँ क्या हम ये जानते हैं कि जी का बाक़ी सुकूँ लुटेगा हमारे नग़्मों पे रो पड़ेगा तुम्हारा हँसता गुलाब चेहरा
Dharmesh bashar
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