वुफ़ूर-ए-ग़म में भी कैफ़-ओ-नशात का आलम निज़ाम-ए-दहर में वजह-ए-सुरूर है कोई
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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क्या हुईं वो क़ुर्बतें अहबाब को क्या हो गया आते-जाते मिल गईं आँखें तो मिलना हो गया
Dharmesh bashar
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ये ज़िन्दगी तो हम को कभी की भुला चुकी अब क्या करें कि मौत भी आँखें चुराए है
Dharmesh bashar
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किसी को हो न हो मुझ को ख़बर है सब तिरे दिल की मिरा ही दिल है जो सुनता रहा है तेरी ख़ामोशी
Dharmesh bashar
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जाएज़ा लेता है फ़ज़ाओं का हर परिंदा उड़ान से पहले
Dharmesh bashar
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मौत आई है नजात-ए-ग़म-ए-हस्ती देने जान दे दूँ तो मिरा हक़ भी अदा हो जाए
Dharmesh bashar
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