bahut qarib rahi hai ye zindagi hum se bahut aziz sahi e'tibar kuchh bhi nahin
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
More from Akhtar Saeed Khan
ये बे-सबब नहीं आए हैं आँख में आँसू ख़ुशी का लम्हा कोई याद आ गया होगा
Akhtar Saeed Khan
14 likes
दुश्मन-ए-जाँ ही सही साथ तो इक उम्र का है दिल से अब दर्द की रुख़्सत नहीं देखी जाती
Akhtar Saeed Khan
10 likes
कौन जीने के लिए मरता रहे लो सँभालो अपनी दुनिया हम चले
Akhtar Saeed Khan
20 likes
बहुत क़रीब रही है ये ज़िन्दगी हम से बहुत अज़ीज़ सही ए'तिबार कुछ भी नहीं
Akhtar Saeed Khan
32 likes
किसी के तुम हो किसी का ख़ुदा है दुनिया में मेरे नसीब में तुम भी नहीं ख़ुदा भी नहीं
Akhtar Saeed Khan
30 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Akhtar Saeed Khan.
Similar Moods
More moods that pair well with Akhtar Saeed Khan's sher.







