sherKuch Alfaaz

बैठे थे जब तो सारे परिंदे थे साथ साथ उड़ते ही शाख़ से कई सम्तों में बट गए

Saghar Azmi12 Likes

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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या

Jaun Elia

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

Jawwad Sheikh

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

Tehzeeb Hafi

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मुस्कुरा बैठे हैं तुझ को मुस्कुराता देख कर वरना तेरी मुस्कराहट की क़सम ग़ुस्से में हैं

Ameer Imam

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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ

Ali Zaryoun

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