sherKuch Alfaaz

भँवर से कैसे बच पाया किसी पतवार से पूछो हमारा हौसला पूछो, तो फिर मँझधार से पूछो

More from Priyanshu Tiwari

ख़्वाब अपने सभी अब सजा लीजिये दिल कहीं और अपना लगा लीजिये बैठते वक़्त डोली में उस ने कहा आप भी अपनी दुनिया बसा लीजिये

Priyanshu Tiwari

2 likes

मुहब्बत की लड़ाई में कभी भी सर नहीं जाता मगर ता-उम्र इस दिल से इसी का डर नहीं जाता यही तो सोच कर के बस अभी तक जी रहा हूँ मैं किसी की बे-वफ़ाई से कोई भी मर नहीं जाता

Priyanshu Tiwari

1 likes

जग में पौरुष का इक नाम बनते नहीं ज्ञान, गौरव व गुण धाम बनते नहीं राम के साथ होती नहीं यदि सिया राम राजा से श्री राम बनते नहीं

Priyanshu Tiwari

1 likes

ज़िंदगी भर सहायक नहीं हो सके इस कहानी के नायक नहीं हो सके सारी दुनिया की आँखों के तारे रहे बस तुम्हारे ही लाइक़ नहीं हो सके

Priyanshu Tiwari

3 likes

कभी शीशा, कभी कंघी, कभी चद्दर बदलना था रहे थे साथ जिन में भी वो सब मंज़र बदलना था तुम्हारे बा'द में हमनें यहाँ क्या-क्या नहीं बदला तुम्हारा क्या था तुम को तो महज़ नंबर बदलना था

Priyanshu Tiwari

8 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Priyanshu Tiwari.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Priyanshu Tiwari's sher.