भँवर से कैसे बच पाया किसी पतवार से पूछो हमारा हौसला पूछो, तो फिर मँझधार से पूछो
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हाल मीठे फलों का मत पूछो रात दिन चाकूओं में रहते हैं
Fahmi Badayuni
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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ख़्वाब अपने सभी अब सजा लीजिये दिल कहीं और अपना लगा लीजिये बैठते वक़्त डोली में उस ने कहा आप भी अपनी दुनिया बसा लीजिये
Priyanshu Tiwari
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मुहब्बत की लड़ाई में कभी भी सर नहीं जाता मगर ता-उम्र इस दिल से इसी का डर नहीं जाता यही तो सोच कर के बस अभी तक जी रहा हूँ मैं किसी की बे-वफ़ाई से कोई भी मर नहीं जाता
Priyanshu Tiwari
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जग में पौरुष का इक नाम बनते नहीं ज्ञान, गौरव व गुण धाम बनते नहीं राम के साथ होती नहीं यदि सिया राम राजा से श्री राम बनते नहीं
Priyanshu Tiwari
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ज़िंदगी भर सहायक नहीं हो सके इस कहानी के नायक नहीं हो सके सारी दुनिया की आँखों के तारे रहे बस तुम्हारे ही लाइक़ नहीं हो सके
Priyanshu Tiwari
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कभी शीशा, कभी कंघी, कभी चद्दर बदलना था रहे थे साथ जिन में भी वो सब मंज़र बदलना था तुम्हारे बा'द में हमनें यहाँ क्या-क्या नहीं बदला तुम्हारा क्या था तुम को तो महज़ नंबर बदलना था
Priyanshu Tiwari
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