भूक से या वबास मरना है फ़ैसला आदमी को करना है
sherKuch Alfaaz
Ishrat Afreen21 Likes
Related Sher
आदमी देश छोड़े तो छोड़े 'अली' दिल में बसता हुआ घर नहीं छोड़ता एक मैं हूँ कि नींदें नहीं आ रही एक तू है कि बिस्तर नहीं छोड़ता
Ali Zaryoun
124 likes
ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
Tehzeeb Hafi
206 likes
तेरे वादे से प्यार है लेकिन अपनी उम्मीद से नफ़रत है पहली ग़लती तो इश्क़ करना थी शा'इरी दूसरी हिमाक़त है
Mehshar Afridi
68 likes
वक़्त पर फ़ैसला नहीं करते, और फिर 'काश!..काश!' करते हो।
Tanoj Dadhich
43 likes
इक अजब हाल है कि अब उस को याद करना भी बे-वफ़ाई है
Jaun Elia
63 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ishrat Afreen.
Similar Moods
More moods that pair well with Ishrat Afreen's sher.







