भूलने वाले तिरे सर की क़सम शाम के बा'द याद कर कर के तुझे रोते हैं हम शाम के बा'द
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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ये और बात बताओ न तुम हमें लेकिन किसी के ख़्वाब तो आँखों में पल रहे होंगे
Saif Dehlvi
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हम घर से तो चले थे किसी और काम को फिर यूँँ हुआ कि उन की गली याद आ गई
Saif Dehlvi
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तुम इन्तिज़ार तो कर दोगे ख़त्म आ के मगर न कर सकोगे अदा मेरे इन्तिज़ार का हक़
Saif Dehlvi
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मैं ने तेरी जुदाई का मातम नहीं किया भरपूर ही ये दर्द रखा कम नहीं किया ज़ख़्म ए जुदाई में मुझे दर्द ए जुदाई में वो लुत्फ़ आ रहा था के मरहम नहीं किया
Saif Dehlvi
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वहाँ गंदुम ने कहीं का न रखा यहाँ पे तुम ने कहीं का न रखा
Saif Dehlvi
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