हम घर से तो चले थे किसी और काम को फिर यूँँ हुआ कि उन की गली याद आ गई
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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तुम इन्तिज़ार तो कर दोगे ख़त्म आ के मगर न कर सकोगे अदा मेरे इन्तिज़ार का हक़
Saif Dehlvi
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ये और बात बताओ न तुम हमें लेकिन किसी के ख़्वाब तो आँखों में पल रहे होंगे
Saif Dehlvi
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मैं तन्हा सर-ए-राह खड़ा सोच रहा हूँ तन्हाई मिटाने के लिए जाऊँ कहाँ पर वो बे-वफ़ा तो लौट के आने से रहा अब तू ही बता ऐ दिल तुझे बहलाऊँ कहाँ पर
Saif Dehlvi
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यक़ीन मान जो दिन तेरे साथ गुज़रे थे उन्हीं दिनों को मैं इस ज़िन्दगी में गिनता हूँ
Saif Dehlvi
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हरगिज़ न अपने दिल में मेरा मलाल रखना देखो जहाँ भी रहना अपना ख़याल रखना
Saif Dehlvi
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