चाँद जो अगर देखूँ तुम ही याद आते हो चाँदनी तरसती है चाँद भूल जाता है
Related Sher
प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
138 likes
चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
555 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
126 likes
More from Ravi 'VEER'
शा'इरी ये हुस्न और ये इश्क़ की बातें जनाब इक समय तक ठीक है फिर छोड़ देनी चाहिए
Ravi 'VEER'
0 likes
ख़्वाबों को देखने से मिला कुछ नहीं मुझे लेकिन शब-ए-ज़ुल्मत से गिला कुछ नहीं मुझे
Ravi 'VEER'
0 likes
कितने आशिक़ ढेर हुए हैं आँखों पर उतने जितने शे'र हुए हैं आँखों पर
Ravi 'VEER'
1 likes
करे मिलने मिलाने की ही अब जद्दोजहद भी क्यूँ निभाए जो न जाए तो करें ऐसे अहद भी क्यूँ मिले ख़ैरात में गर इश्क़ तो मंज़ूर नफ़रत है दिलों में है ज़हर तो फिर ज़बाँ पर है शहद भी क्यूँ
Ravi 'VEER'
1 likes
रोने से गर दिल के ग़म मिट जाते तो आँसू से ही इश्क़ ग़ज़ब का करता मैं
Ravi 'VEER'
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ravi 'VEER'.
Similar Moods
More moods that pair well with Ravi 'VEER''s sher.







