चार दिन का ग़म मुझे क्यूँ मारता है साल भर का इश्क़ क्यूँ दिखता नहीं है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यूँँ लगते हो
Mohsin Naqvi
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हाल मीठे फलों का मत पूछो रात दिन चाकूओं में रहते हैं
Fahmi Badayuni
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आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
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उदासी ज़रा भी ख़ुशी दे न पाई सदा दुख दिया है उदासी ने मुझ को
Tiwari Jitendra
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सियासत में न उलझो तुम अभी ठहरो अमन फ़ैला रहे सरकार रहने दो
Tiwari Jitendra
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हमारे दर्द कम होने लगें हैं दुआ क्या काम करने लग गई हैं
Tiwari Jitendra
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कभी तो मुझे छोड़ जाओगे तुम भी कहोगे मुझे अब कि फ़ुर्सत नहीं है भला इस तरह क्यूँ सताने लगे हो कहीं छोड़ जाने की हसरत नहीं है
Tiwari Jitendra
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मैं किसी पीर को भी नहीं मानता तो ये मोमिन बताते हैं काफ़िर मुझे
Tiwari Jitendra
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