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दफ़्तर में तय किया था कि तारे गिनेंगे आज लेकिन हमें पहुँचते ही घर नींद आ गई

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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया

Balmohan Pandey

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सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है जहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम है मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी वहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है

Balmohan Pandey

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तुम्हें पता है जिन्हें तुम ख़ुदा समझते हो तुम्हारे सोचने और बोलने से डरते हैं

Balmohan Pandey

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हम हैं रहे-उम्मीद से बिल्कुल परे परे अब इंतिज़ार आप का कोई करे! करे! मैं ने तो यूँँ ही अपनी तबीयत सुनाई थी तुम तो लगीं सफाइयाँ देने, अरे! अरे!

Balmohan Pandey

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एक मुझे ख़्वाब देखने के सिवा चाय पीने की गंदी आदत है

Balmohan Pandey

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