सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है जहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम है मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी वहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया
Balmohan Pandey
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वो मेरी दुनिया का हिस्सा थी मेरी दुनिया नहीं इक शजर कटने से वन वीरान हो जाएगा क्या
Balmohan Pandey
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तुम्हें पता है जिन्हें तुम ख़ुदा समझते हो तुम्हारे सोचने और बोलने से डरते हैं
Balmohan Pandey
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इसीलिए मैं बिछड़ने पर सोगवार नहीं, सुकून पहली ज़रूरत है, तेरा प्यार नहीं! जवाब ढ़ूंढ़ने में उम्र मत गँवा देना, सवाल करती है दुनिया पर एतबार नहीं
Balmohan Pandey
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जो शे'र समझे मुझे दाद वाद देता रहे गले लगाए जिसे ग़म समझ में आ जाए
Balmohan Pandey
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