हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया
Related Sher
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
145 likes
क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
306 likes
तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे
Ali Zaryoun
119 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
More from Balmohan Pandey
सुख़न-फ़हमों की बस्ती में सुख़न की ज़िन्दगी कम है जहाँ शाइ'र ज़ियादा हैं वहाँ पर शा'इरी कम है मैं जुगनू हूँ उजाले में भला क्या अहमियत मेरी वहाँ ले जाइए मुझ को जहाँ पर रौशनी कम है
Balmohan Pandey
40 likes
जो शे'र समझे मुझे दाद वाद देता रहे गले लगाए जिसे ग़म समझ में आ जाए
Balmohan Pandey
46 likes
हाए वो इश्क़ छुपाने के ज़माने 'मोहन' याद आता है ग़लत नाम से नंबर रखना
Balmohan Pandey
56 likes
तुम्हें पता है जिन्हें तुम ख़ुदा समझते हो तुम्हारे सोचने और बोलने से डरते हैं
Balmohan Pandey
43 likes
हम हैं रहे-उम्मीद से बिल्कुल परे परे अब इंतिज़ार आप का कोई करे! करे! मैं ने तो यूँँ ही अपनी तबीयत सुनाई थी तुम तो लगीं सफाइयाँ देने, अरे! अरे!
Balmohan Pandey
54 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Balmohan Pandey.
Similar Moods
More moods that pair well with Balmohan Pandey's sher.







