दग़ा का सोचते ही जाँ मुझ पर मेरी तस्वीर हँसने वाली थी
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मुझ में बस एक ही ख़राबी है मैं ज़बाँ-ओ-दिमाग़ रखता हूँ
DEVANSH TIWARI
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मेयार-ए-ज़र्फ़ तो पहचान हमारा दुश्मन भी लगता है मेहमान हमारा हम ग़ज़लें कहने वाले लड़के हैं हर नुक़्ते पर रहता है ध्यान हमारा
DEVANSH TIWARI
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वो मुझे पूछते हैं गाँव में क्या रक्खा है मैं उन्हें कहता हूँ सब मेरे बड़े रहते हैं
DEVANSH TIWARI
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किसी जगह पर कहीं जहाँ में किसी दिवस मैं तुम्हें दिखूँ तो सुनो न जानाँ पलट न जाना क़रीब आना गले लगाना
DEVANSH TIWARI
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किसी से कह नहीं सकता हूँ जो मैं वही तो शा'इरी में कहता हूँ
DEVANSH TIWARI
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