धूल जमने से न बदले हैं किताबों में फ़साने वक़्त भर दे घाव हर इक ये ज़रूरी तो नहीं है
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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नक़ली आँसू झूठी क़स्में सब पर्दे हैं नज़ाकत के बस बाज़ार लगे हैं जज़्बों के सौदे हैं शराफ़त के ख़ुद-ग़रज़ी के हैं अल्फ़ाज़ मोहब्बत के अफ़साने में फिर भी लाते हैं चेहरे पर झूठे रंग इनायत के
arjun chamoli
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ज़ख़्म मेरे भर रहे हैं अन-कही बातें छुपा के जो हरा करना हो इनको बात वो मुझ को सुना दे
arjun chamoli
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ग़ुबार दिल में रहा ज़ख़्म भर नहीं पाया हुई थी बात मगर बात थी अधूरी सी
arjun chamoli
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ज़िंदगी की तन्हाई है और फिर न कटते दिन ये गिने तो दुश्वारी गुज़ारना भी दुश्वारी
arjun chamoli
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पता मुझ को तेरा ये दिल मुझी से इश्क़ को लरज़े करूँँ मैं क्या लगी है भीड़ लैलाओं की पहले से
arjun chamoli
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