दिखाते हैं पड़ोसी मुल्क आँखें तो दिखाने दो कहीं बच्चों के बोसे से भी माँ का गाल कटता है
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी जैसी दीवारें हैं वैसा साया है एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था एक तू है जो जेल में खाना लाया है
Tehzeeb Hafi
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किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे आप मिलते नहीं हैं क्या कीजे
Jaun Elia
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अब उस जानिब से इस कसरत से तोहफ़े आ रहे हैं कि घर में हम नई अलमारियाँ बनवा रहे हैं
Tehzeeb Hafi
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हाल मीठे फलों का मत पूछो रात दिन चाकूओं में रहते हैं
Fahmi Badayuni
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इंसानों को जलवाएगी कल इस से ये दुनिया जो बच्चा खिलौना भी ज़मीं पर नहीं रखता
Munawwar Rana
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सज़ा कितनी बड़ी है गाँव से बाहर निकलने की मैं मिट्टी गूँधता था अब डबलरोटी बनाता हूँ
Munawwar Rana
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ख़ामुशी कब चीख़ बन जाए किसे मालूम है ज़ुल्म कर लो जब तलक ये बे-ज़बानी और है
Munawwar Rana
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वो ज़ालिम मेरी हर ख़्वाहिश ये कह कर टाल जाता है दिसंबर जनवरी में कोई नैनीताल जाता है?
Munawwar Rana
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ये सच है नफ़रतों की आग ने सब कुछ जला डाला मगर उम्मीद की ठण्डी हवाएँ रोज़ आती हैं
Munawwar Rana
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