दिल भी अजीब ख़ाना-ए-वहदत-पसन्द था इस घर में या तो तू रहा या बे-दिली रही उस ने तो यूँँ ही पेड़ बनाया था रेत पर मिट्टी वहाँ हज़ार बरस तक हरी रही
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बचा के आँख बिछड़ जाएँ उस से चुपके से अभी तो अपनी तरफ़ ध्यान भी ज़ियादा नहीं
Vipul Kumar
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उसे तो दौलत-ए-दुनिया भी कम भी पाने को मिरी तो ज़ात का मीज़ान भी ज़ियादा नहीं
Vipul Kumar
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कुछ इस लिए भी तेरी आरज़ू नहीं है मुझे मैं चाहता हूँ मेरा इश्क़ जावेदानी हो
Vipul Kumar
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तेरा प्यार मेरी ज़िंदगी में बहार ले कर आया है तेरे आने से पहले हर दिन पतझड़ हुआ करता था
Vipul Kumar
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मैं तो शब-ए-फ़िराक़ था तुम एक उम्र थी फिर भी ज़ियादा तुम से गुज़ारा गया मुझे
Vipul Kumar
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