दिल की बातें मुँह पर थी वो दुनिया से हट कर थी नज़्में मेरी अच्छी थी ग़ज़लें उस की बेहतर थी
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये दिल उलझा हुआ तेरे ख़यालों में नहीं हो सकता है इस दिल का कुछ भी अब
Adarsh Akshar
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याद करता है ज़रूरत में अब कुछ भी हो सकता मुहब्बत में अब
Adarsh Akshar
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याद आती है तुम्हारी आज भी तुम मुझे उतनी ही प्यारी आज भी
Adarsh Akshar
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पथ पे अपने डटा रहता जो रात दिन आगे चल कर वही कुछ अलग करता है
Adarsh Akshar
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जहाँ पर थी रौशनी उस जगह नहीं तीरगी कभी रह सकी नहीं ग़म ठहर सका देर तक न ही देर तक ख़ुशी रह सकी
Adarsh Akshar
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