दिल पे अपने ज़ख़्म का बस इक निशाँ रहने दिया आग तो मैं ने बुझा दी पर धुऑं रहने दिया
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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ये जहाँ प्यार ही से रौशन है कुछ यहाँ प्यार बिन नहीं होता प्यार की एक उम्र होती है प्यार का एक दिन नहीं होता
Wajid Husain Sahil
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उस ने माँगा नहीं कुछ और जुदाई के सिवा लेकिन अब उस को मैं इनकार नहीं कर सकता
Wajid Husain Sahil
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कैसी अब सालगिरह कैसी बधाई लोगों वो जो बिछड़ा तो मेरी उम्र घटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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सब्र आने की देर है वरना तू भी दिल से उतर ही जाएगा
Wajid Husain Sahil
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