यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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यूँँ जो तकता है आसमान को तू कोई रहता है आसमान में क्या
Jaun Elia
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है
Abrar Kashif
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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
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सब्र आने की देर है वरना तू भी दिल से उतर ही जाएगा
Wajid Husain Sahil
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वो हाथों से निकलते जा रहे हैं जिन्हें सर पे बिठाना चाहता हूँ
Wajid Husain Sahil
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तेरे मेरे मिलन का ख़्वाब नाज़ुक आइने सा है लगे आवाज़ का पत्थर तो सपना टूट जाता है
Wajid Husain Sahil
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वो फिर सताने लगे याद हम को आ कर के जिन्हें भुलाया था हम ने खु़दा- ख़ुदा कर के
Wajid Husain Sahil
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वक़्त हर वक़्त कहाँ एक सा रह पाता है माज़ी जाता है तो फिर हाल बदल जाता है दिन महीने दरो-दीवार वही रहते हैं बस कैलेंडर है जो हर साल बदल जाता है
Wajid Husain Sahil
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