दूर रौशनी हुई नसीब थे ढले हुए मैं ने की दुआ मगर क़ुबूल फ़ासले हुए बात पर यक़ीं नहीं तो नैन देख ले मेरे इंतिज़ार के दिए तेरे लिए जले हुए
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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याद भूले हुए लोगों को किया जाता है भूल जाओ कि तुम्हें याद किया जाएगा
Charagh Sharma
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तुम सेे मिल कर इतनी तो उम्मीद हुई है इस दुनिया में वक़्त बिताया जा सकता है
Manoj Azhar
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किस क़दर सह में हुए हैं टूटने के डर से ये आप इन कच्चे घड़ों पर हाथ रख कर देखिए
nakul kumar
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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बस मोहब्बत बाँटने का ये असर हम पर हुआ वो हमीं हैं जो किसी के भी पसंदीदा नहीं
Divya 'Kumar Sahab'
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ज़रा सा दुख तो होता है परेशानी नहीं होती कोई अब छोड़ जाता है तो हैरानी नहीं होती
Divya 'Kumar Sahab'
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ध्यान रखना चुप न हो जाए कहीं वो हक़ जता कर जो तुझे समझा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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तेरे पीछे चलते चलते इस सफ़र में यूँँ थका पाँव मेरे चल रहे हैं थक गया है दिल मेरा
Divya 'Kumar Sahab'
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जगाया है हमें कमबख़्त किस ने बचा था सातवाँ फेरा हमारा
Divya 'Kumar Sahab'
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