दुआ में माँग लूँ मैं उस को लेकिन फ़क़त पाना मेरा मक़सद नहीं है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तुम इन लबों की हँसी और ख़ुशी पे मत जाना ये रोज़ रोज़ हमें भी फ़रेब देते हैं
Shadab Asghar
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अब फ़क़त साँसे बचीं हैं दोस्तों हम तो कब का ज़िंदगी से मर गए
Shadab Asghar
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मैं उस के पास आने में लगा हूँ वो मुझ सेे दूर होता जा रहा है
Shadab Asghar
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तुझे भुला भी दिया फिर भी तेरे पास रहा परिंदे उड़ गए लेकिन कफ़स उदास रहा
Shadab Asghar
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ये इश्क़ आग है और वो बदन शरारा है ये सर्द बर्फ़ सा लड़का पिघलने वाला है
Shadab Asghar
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