दुश्मनी मोल ली है जो ख़ुद से मैं कभी दोस्त था मेरा शायद
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये क़ैफियत है कि जब मेरा यार आँख में है गुलों का रंग, फिज़ां की बहार आँख में है
Sumit Panchal
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ये फ़रेब-ए-हयात है गोया जिस को हम सब हयात कहते हैं
Sumit Panchal
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यही सबब है कि हम हिज्र से हैं अफ़्सुर्दा हर एक हिज्र से पैदा विसाल होता नहीं
Sumit Panchal
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सर से सौदाई का भूत उतरे ज़रा हम मुहब्बत में डूबे है गहरे ज़रा कह दो उन सेे कि आते है हम तो ज़रा सामने रख के शीशे को संवरे ज़रा
Sumit Panchal
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सच कहूँ तो तेरी ज़रूरत थी काम लेकिन चला लिया मैं ने
Sumit Panchal
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