एक दूजे का हाथ था में हुए दो ज़रूरी नहीं कि साथ भी हों
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ज़िंदगी कोई भी आसान नहीं है प्यारे तू भी इस बात से अनजान नहीं है प्यारे
Sarul
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ये सबा बे-दिली से बच जाती आसमाँ रूठने से बच जाता थाम कर हाथ जो मना लेता तो ये सब टूटने से बच जाता
Sarul
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तुम को हमीं से चाहिए तफ़सीले-वारदात ज़ालिम से भी तो कोई जवाबात माँगिए
Sarul
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सारे किरदार कहानी में परेशानी में ख़्वाब देखें तो मुसव्विर की निगहबानी में
Sarul
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माली तो अपना बाग़ गुलों से भरा कहे है बात जब ये बात कोई दूसरा कहे
Sarul
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