माली तो अपना बाग़ गुलों से भरा कहे है बात जब ये बात कोई दूसरा कहे
Related Sher
और क्या चाहती है गर्दिश-ए-अय्याम कि हम अपना घर भूल गए उन की गली भूल गए
Jaun Elia
125 likes
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
124 likes
तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं
Mirza Ghalib
123 likes
देखो देखो जानम हम दिल अपना तेरे लिए लाए सोचो सोचो दुनिया में क्यूँँ आए तेरे लिए आए
Rahat Indori
62 likes
मत से तिरे सहमत न हो सरकार हिन्दुस्तान में मत दान कर फिर अपना मत ऐसे किसी मतदान में
nakul kumar
67 likes
More from Sarul
ये सबा बे-दिली से बच जाती आसमाँ रूठने से बच जाता थाम कर हाथ जो मना लेता तो ये सब टूटने से बच जाता
Sarul
1 likes
ये न हो दिल में बाल कर लेना नींद आए तो काल कर लेना उस को कुछ देर गर जवाब न दूँ पागलों जैसा हाल कर लेना
Sarul
1 likes
दिल-ए-ग़म-गुस्ता तेरी याद से ख़ाली हर शाम भरती जाती है मेरी आँख में लाली हर शाम
Sarul
1 likes
एक दूजे का हाथ था में हुए दो ज़रूरी नहीं कि साथ भी हों
Sarul
1 likes
तुम को हमीं से चाहिए तफ़सीले-वारदात ज़ालिम से भी तो कोई जवाबात माँगिए
Sarul
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sarul.
Similar Moods
More moods that pair well with Sarul's sher.







