एक एहसान कीजिए साहब मुझ को हैरान कीजिए साहब आप सरकारी महक में से हैं कुछ परेशान कीजिए साहब
Related Sher
कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
113 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
More from Prashant Sitapuri
ये सही है दरमियाँ कुछ भी नहीं अब है हमारे पर मेरी जानिब मुहब्बत को निभाया तो गया है
Prashant Sitapuri
0 likes
ये ग़म है तेरे ना होते हुए भी मुस्कुराना है हवा भी साथ रखनी है दियों को भी जलाना है
Prashant Sitapuri
0 likes
पहला सितम शफ़ा की दवा एक शख़्स था दूजा सितम है ये कि दवा कुछ न कर सकी
Prashant Sitapuri
0 likes
खोलता जब हूँ कभी उस की पुरानी चैटें याद आ जाता है कुछ और हँसी आती है
Prashant Sitapuri
0 likes
आप के साथ रहा जो भी रहा लुत्फ़ ए हयात आप के बा'द तो मुश्किल से गुज़ारी ही गई
Prashant Sitapuri
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Prashant Sitapuri.
Similar Moods
More moods that pair well with Prashant Sitapuri's sher.







