एक काटा राम ने सीता के साथ दूसरा वनवास मेरे नाम पर
sherKuch Alfaaz
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गाली को प्रणाम समझना पड़ता है मधुशाला को धाम समझना पड़ता है आधुनिक कहलाने की अंधी जिद में रावण को भी राम समझना पड़ता है
Azhar Iqbal
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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सवाल ये है कि आपस में हम मिलें कैसे हमेशा साथ तो चलते हैं दो किनारे भी
Amjad Islam Amjad
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