फिर वही रात वही सर्द हवा शोख़ बदन फिर वही उस का मेरे होंठ पे बोसा रखना
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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उस के झुमके की बात क्या कीजे उस की बातें भी यार गहना हैं
Gaurav Singh
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मिला के लब से लब को हम हमारी कई सदियों की दूरी तय करेंगे
Gaurav Singh
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दिल की बातों में आके हम तुम को याद करते हैं भूल जाते हैं
Gaurav Singh
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सारी दुनिया जान रही है ख़ुश रहना बस एक भरम है
Gaurav Singh
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आप सिलवट चाहते हैं बिस्तरे में और हम हैं बिस्तरे की आबरू पर शे'र कहना चाहते हैं
Gaurav Singh
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