मिला के लब से लब को हम हमारी कई सदियों की दूरी तय करेंगे
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तो देख लेना हमारे बच्चों के बाल जल्दी सफ़ेद होंगे हमारी छोड़ी हुई उदासी से सात नस्लें उदास होंगी
Danish Naqvi
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दर्द-ए-मुहब्बत दर्द-ए-जुदाई दोनों को इक साथ मिला तू भी तन्हा मैं भी तन्हा आ इस बात पे हाथ मिला
Abrar Kashif
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तुम्हें ये ग़म है कि अब चिट्ठियाँ नहीं आती हमारी सोचो हमें हिचकियाँ नहीं आती
Charagh Sharma
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फिर उसी बे-वफ़ा पे मरते हैं फिर वही ज़िंदगी हमारी है
Mirza Ghalib
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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से
Faheem Jogapuri
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वो जिस तरह से नाम मेरा लेती है मुझे लगता है मेरे होने से दुनिया जहान है
Gaurav Singh
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उदासी है न यादें हैं न तेरे काल का चक्कर हमारी शाम है जाना तुम्हारे शाम से बेहतर
Gaurav Singh
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जिस दुनिया में औरत पूजी जाती उस में द्रौपदियों की साड़ी खींची जाती है
Gaurav Singh
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यूँँ ही हमारा सिलसिला चलता रहे मजीद यूँँ ही हमारे दरमियाँ दूरी बनी रहे
Gaurav Singh
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दिल की बातों में आके हम तुम को याद करते हैं भूल जाते हैं
Gaurav Singh
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