गर गले से वो लगा ले और कहे अपना मुझे आँख से आँसू नहीं फिर दिल टपक जाए मेरा
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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बस मोहब्बत बाँटने का ये असर हम पर हुआ वो हमीं हैं जो किसी के भी पसंदीदा नहीं
Divya 'Kumar Sahab'
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लोग यहाँ पर आएँगे तो रंग लगाने मुझ को फिर भी शायद रंगों में लिपटा इक हाथ तुम्हार हो सकता था दो बच्चों ने मल मल कर जब रंग लगाया इक दूजे को दोस्त यही लगता है ऐसा साथ हमारा हो सकता था
Divya 'Kumar Sahab'
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तूफ़ानों से डर लगता है कुछ रिश्तों से घर लगता है तूफ़ानों में अब घर मेरा अब रिश्तों से डर लगता है
Divya 'Kumar Sahab'
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जिस दिन भूख कचोटेगी तुम तब जानोगे इक दाने का मतलब क्या क्या हो सकता है
Divya 'Kumar Sahab'
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