आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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तुम तो कहते थे कि मैं रोता नहीं हूँ कब से इतना मुस्कुराया जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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मैं भरोसे को बचाने पर तुला हूँ वो बहानों पर उतरता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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तूफ़ानों से डर लगता है कुछ रिश्तों से घर लगता है तूफ़ानों में अब घर मेरा अब रिश्तों से डर लगता है
Divya 'Kumar Sahab'
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मिलाऊँगा उन्हें भी आप सब से सोचता हूँ मैं मगर कब? जब तलक वो आप की भाभी नहीं होती
Divya 'Kumar Sahab'
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चले जो साथ ऑटो में वो गाड़ी में चलेगी फिर कभी जो सूट में थी साथ साड़ी में चलेगी फिर
Divya 'Kumar Sahab'
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