घरों में सभी के जले थे पटाखे हमारे ही घर में दिवाली नहीं थी
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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तसल्ली कभी तो कभी आस देते ग़रीबी जिन्होंने गुज़ारी नहीं थी
Reshma Shaikh
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टूट गए सारे के सारे फूल यहाँ इक मेरे बालों का गजरा होने को
Reshma Shaikh
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आईने में भी तुम दिखते मुझ में कितने ज़ियादा तुम हो
Reshma Shaikh
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कितने राज़ हसीं वो खोलें जब ग़ुस्से में मुझ सेे बोलें
Reshma Shaikh
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मेरी ख़्वाहिश पर जो टूटे अंबर का वो तारा तुम हो
Reshma Shaikh
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