तसल्ली कभी तो कभी आस देते ग़रीबी जिन्होंने गुज़ारी नहीं थी
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा न था सामने बैठा था मेरे और वो मेरा न था
Adeem Hashmi
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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दिल के दरवाज़े भेड़ कर देखो जख़्म सारे उधेड़ कर देखो बंद कमरे में आईने से कभी तुम मेरा जिक्र छेड़ कर देखो
Sandeep Thakur
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तू भी अच्छा मैं भी अच्छी प्यार अधूरा फिर ये कैसे
Reshma Shaikh
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अब तो ग़म है दोस्त मेरी ख़ुशियों से जमना मुश्किल है
Reshma Shaikh
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टूट गए सारे के सारे फूल यहाँ इक मेरे बालों का गजरा होने को
Reshma Shaikh
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घिरी रहती अभी तक तीरगी से मुझे लाता न तू गर रौशनी में
Reshma Shaikh
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मिलेंगी राह में दुश्वारियाँ ग़म और क्या क्या ही मुहब्बत आज़मानी है मुहब्बत कर के देखो तुम
Reshma Shaikh
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