ग़ज़ल कहता हूँ और बारूद पे सिगरेट पीता हूँ अगर भूचाल भी आ जाए तो मैं डर नहीं सकता
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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दोस्ती में माँ बहन की गालियाँ बकना सब सेे गन्दी ज़्यादती है दोस्ती के साथ
Rakesh Mahadiuree
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब' नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा है
Rakesh Mahadiuree
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काग़ज़ के फूल दोस्त कभी फाड़ना नहीं चाहे कमल खिलाते रहो आसमान पर
Rakesh Mahadiuree
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मेरे बच्चे भी मुहब्बत में वफ़ा करते हैं मैं ने घर में कभी हथियार नहीं रक्खा है
Rakesh Mahadiuree
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब' नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा है मेरे बच्चे भी मुहब्बत में वफ़ा करते हैं मैं ने घर में कभी हथियार नहीं रक्खा है
Rakesh Mahadiuree
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