गोद में मेरी तू अपने सिर को रख कर देखना सिर को सहलाते हुए तुझ को सुनाऊँगा ग़ज़ल
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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तुम तो कहते थे कि मैं रोता नहीं हूँ कब से इतना मुस्कुराया जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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मन की मन में ही भुनाने में लगे हो हाथ में जो है निकलता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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बन गया है शहर तो अब गाँव इनको चाहिए काट देते हैं शजर फिर छाँव इनको चाहिए आँख में इज़्ज़त नहीं है लड़कियों के वास्ते और पायल के लिए फिर पाँव इनको चाहिए
Divya 'Kumar Sahab'
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ध्यान रखना चुप न हो जाए कहीं वो हक़ जता कर जो तुझे समझा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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ज़िंदगी से एक दिन मैं ने कहा था प्यार है ज़िंदगी ने बात मेरी दोस्ती पर रोक दी
Divya 'Kumar Sahab'
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