मन की मन में ही भुनाने में लगे हो हाथ में जो है निकलता जा रहा है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गोद में मेरी तू अपने सिर को रख कर देखना सिर को सहलाते हुए तुझ को सुनाऊँगा ग़ज़ल
Divya 'Kumar Sahab'
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जितने जुड़े थे ख़ून से वो तो सभी रिश्ते हुए इस के परे वो एक रिश्ता मित्रता समझा गई
Divya 'Kumar Sahab'
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चले जो साथ ऑटो में वो गाड़ी में चलेगी फिर कभी जो सूट में थी साथ साड़ी में चलेगी फिर
Divya 'Kumar Sahab'
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ये दिल लगा जो देखने, आँखें धड़कने ये लगीं पूरी प्रणाली को यूँँ ही हम ने बिगड़ते देखा है
Divya 'Kumar Sahab'
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जगाया है हमें कमबख़्त किस ने बचा था सातवाँ फेरा हमारा
Divya 'Kumar Sahab'
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