जितने जुड़े थे ख़ून से वो तो सभी रिश्ते हुए इस के परे वो एक रिश्ता मित्रता समझा गई
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दूरी हुई तो उन सेे क़रीब और हम हुए ये कैसे फ़ासले थे जो बढ़ने से कम हुए
Waseem Barelvi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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या'नी तुम वो हो वाक़ई हद है मैं तो सच-मुच सभी को भूल गया
Jaun Elia
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ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
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जुदा हुए हैं बहुत लोग एक तुम भी सही अब इतनी बात पे क्या ज़िंदगी हराम करें
Nasir Kazmi
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ध्यान रखना चुप न हो जाए कहीं वो हक़ जता कर जो तुझे समझा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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मिलाऊँगा उन्हें भी आप सब से सोचता हूँ मैं मगर कब? जब तलक वो आप की भाभी नहीं होती
Divya 'Kumar Sahab'
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आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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जितना ख़ुश रहते हैं हम उतना है जीवन सारा जीवन भी इक लम्हा हो सकता है
Divya 'Kumar Sahab'
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गर गले से वो लगा ले और कहे अपना मुझे आँख से आँसू नहीं फिर दिल टपक जाए मेरा
Divya 'Kumar Sahab'
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