गुलाब तोड़ के मेरी चमन में साँझ हुई तिरे फ़िराक़ में गुलशन की गोद बाँझ हुई
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ज़ोर से बोलूँगा तो शैतान सुन लेगा मुझे और अगर चीखूँ नहीं तो वो सुनेगा किस तरह
Maher painter 'Musavvir'
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जो घाव तू ने दिया है अज़ीज़ है हम को जो उस पे बाँध रखा है रुमाल भी प्यारा
Maher painter 'Musavvir'
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सभी करिश्में नज़र न आएंँगे आँख से ही मिसाल के तौर पर ख़ुदा को ही देख लो तुम
Maher painter 'Musavvir'
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है गुहर हाथों में उस के साँस लेकिन रुक गई इक गुहर के वास्ते दूजी गुहर खोनी पड़ी
Maher painter 'Musavvir'
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सुनाना चाहता हूँ चुटकुले हमशक्ल को अपने मुझे इक बार ख़ुद को मुस्कुराते देखना है बस
Maher painter 'Musavvir'
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