है गुहर हाथों में उस के साँस लेकिन रुक गई इक गुहर के वास्ते दूजी गुहर खोनी पड़ी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ज़ोर से बोलूँगा तो शैतान सुन लेगा मुझे और अगर चीखूँ नहीं तो वो सुनेगा किस तरह
Maher painter 'Musavvir'
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आज सबने यही बस सुनाया हमें आप पैदा हुए आप का शुक्रिया
Maher painter 'Musavvir'
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जो घाव तू ने दिया है अज़ीज़ है हम को जो उस पे बाँध रखा है रुमाल भी प्यारा
Maher painter 'Musavvir'
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चाँद, तारे, फूल, तितली ये सब इनको क्यूँ कहें औरतों को औरतों की तरह भी देखो कभी!
Maher painter 'Musavvir'
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सभी करिश्में नज़र न आएंँगे आँख से ही मिसाल के तौर पर ख़ुदा को ही देख लो तुम
Maher painter 'Musavvir'
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